गैस होम डिलीवरी व्यवस्था फेल, उपभोक्ता एजेंसियों पर घंटों लाइन में खड़े
बक्सर। प्रशासन द्वारा उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी सुनिश्चित करने के लाख प्रयासों के बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। सरकार और जिला प्रशासन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि उपभोक्ताओं को ऑनलाइन बुकिंग के बाद घर तक गैस पहुंचाई जाए, लेकिन अधिकांश मामलों में यह व्यवस्था पूरी तरह फेल साबित हो रही है। स्थिति यह है कि उपभोक्ताओं के मोबाइल पर ऑनलाइन बुकिंग के बाद ओटीपी भी आ जा रहा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि डिलीवरी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके बावजूद लोगों को गैस एजेंसी तक खुद पहुंचकर सिलेंडर लेना पड़ रहा है। नतीजतन, शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित गैस एजेंसियों पर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। चाहे सोनमती इंडेन गैस एजेंसी हो, भारतगैस एजेंसी एचपी गैस हो या अन्य कोई भी वितरण केंद्र, हर जगह उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ रही है। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी घंटों लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। इससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि होम डिलीवरी की सुविधा सही तरीके से लागू हो जाए तो उन्हें इस तरह की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़े। अब सवाल यह उठता है कि प्रशासन के दावे और जमीनी हकीकत में इतना बड़ा अंतर क्यों है। जरूरत है कि संबंधित विभाग इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान दे और जल्द समाधान निकाले।










