एमएलसी फंड से कराया विकास, अब बेटे को मिला एनडीए का टिकट – राधाचरण साह
बक्सर। एक विधायक का जो फंड प्रत्येक वर्ष जारी होता है वहीं फंड हमारे जैसे एमएलसी को प्राप्त हुआ था और उसके माध्यम से ही हमने कार्य कराया। उक्त बातें पूर्व बक्सर-भोजपुर एमएलसी राधाचरण साह ने एक प्रेस वार्ता के क्रम में बक्सर जिले के अंबेस्टर होटल में कहीं। दरअसल बक्सर-भोजपुर एमएलसी चुनाव के लिए डुगडुगी बज चुकी है और इस पद हेतु एनडीए गठबंधन उम्मीदवार ईनके पुत्र कन्हैया प्रसाद सेठ को घोषित किया गया है जबकि राधाचरण साह इस पद के उपरांत संदेश विधानसभा से चुनाव जीतकर एमएलए सदस्य निर्वाचित हो चुके हैं। प्रेस वार्ता के दौरान जब मीडिया ने सवाल किया कि आपके अंतर्गत जितने भी विधानसभा आते हैं उस पर आप कितना खरा उतरे है? उन्होंने कहा कि हमारे अंतर्गत 11 विधानसभा रहे और हमें जो फंड सरकार के तरफ से जारी हुआ उससे कहीं अधिक हमने कार्य कराया है। एक प्रश्न कि आपके ही पुत्र क्यों एनडीए उम्मीदवार घोषित हुए। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि जदयू के साथ-साथ एनडीए गठबंधन के सभी घटक दलों के सहयोग से चुनावी रणनीति तैयार होती है और इसी के तहत हमारे पुत्र के लिए यह सीट प्राप्त हुआ है। उन्होंने अपना काम बताते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों में क्षेत्र के सभी 25 प्रखंडों में विकास कार्यों को गति देने का प्रयास किया गया है। जनप्रतिनिधियों के लिए बैठने की व्यवस्था, स्थानीय समस्याओं के समाधान और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन पर ध्यान दिया गया है। वही उन्होंने कहा कि संसाधनों की सीमाओं के बावजूद सड़क, संपर्क और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई कार्य हमने अलग फंड से पूरे किए। जिसमें कुछ क्षेत्रों में नई सड़कों का निर्माण और पुराने मार्गों का चैड़ीकरण भी शामिल है। उन्होंने भरोसा जताया कि आगामी चुनाव में जनता एक बार फिर एनडीए के विकास कार्यों पर विश्वास जताएगी। उपस्थित लोगों ने कहा कि, हालांकि यह चुनाव पंचायती राज से जीते जनप्रतिनिधियों के वोट से तय होता है परन्तु कई ऐसे जनप्रतिनिधि है जो वोट की ताकत को पैसे की लालच में गिरवी रख देते हैं वे भूल जाते हैं कि उनके लिए विकास भी कोई शब्द है उन्हें जो बेहतर मिलता है उसके साथ हो लेते हैं और चुनाव जीता देते हैं। वही कुछ लोगों ने कहा कि पार्टी के साथ-साथ जातिगत फैक्टर के आधार पर भी चुनाव जीते जाते हैं और धन बल तो बहुत बड़ा मायने रखता है पिछले जो चुनाव हुए हैं उसमें तो यही देखने को मिला है।










