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जेके सीमेंट फैक्ट्री पर ऐतिहासिक डैम क्षति का आरोप, बढ़ा विवाद

ब्रह्मपुर। प्रखंड के कांट गांव में जेके सीमेंट फैक्ट्री को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। पर्यावरण संरक्षण कार्यकर्ता शैलेश ओझा ने फैक्ट्री पर ब्रिटिश काल के ऐतिहासिक डैम को ध्वस्त करने का आरोप लगाते हुए बिहार सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि रघुनाथपुर क्षेत्र के मेहमडरा, कांट मौजा और भोजपुर जिले के सिकरिया मौजा से बहने वाली नहर पर कृषि विभाग द्वारा बनाए गए डैम वर्षों से स्थानीय किसानों की सिंचाई और पशुपालन के लिए महत्वपूर्ण रहे हैं। शैलेश ओझा का कहना है कि फैक्ट्री प्रबंधन ने भारी मशीनों से डैम क्षतिग्रस्त किया, जिससे जलस्तर और सिंचाई व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता हैै। इस मामले में पहले जिलाधिकारी को भी पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की गई थी। लघु सिंचाई विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि डैम की जिम्मेदारी और अभिलेख स्पष्ट नहीं हैं। जेके सीमेंट फैक्ट्री प्रबंधन ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि डैम में जमा गाद और सिल्ट हटाने का काम किया गया और उनका उद्देश्य केवल जल प्रवाह सुचारू करना था। स्थानीय ग्रामीण और पर्यावरण विशेषज्ञ प्रशासन से शीघ्र स्पष्ट दिशा-निर्देश और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि ऐतिहासिक धरोहर और जल संरक्षण दोनों सुरक्षित रह सकें।

 

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