गौरैया की चहचहाहट लौटाने की पहल, डुमरांव के मंदिरों में लगाए गए गौरैया कुंज
डुमराँव। सुनी पड़ गई चहचहाती गौरैयों की चहचहाहट को फिर से गुलजार करने की कवायद के साथ विश्व गौरैया दिवस के पूर्व रुद्रसागर सेवा संस्थान खिरौली ने नगर के देवालयों में गौरैया कुंज लगाया। संस्थान द्वारा सर्वप्रथम बाबा जंगली नाथ महादेव मंदिर से गौरैया कुंज की शुरुआत की गई। जिसके बाद नगर पंचित काली मंदिर सहित नगर के विभिन्न देवालयों में गौरैया कुंज स्थापित किया गया। इस बारे में संस्थान के सचिव रविशंकर चौबे ने बताया की गौरैयों की मिट रही अस्तित्व को बचाने के लिए यह शुरुआत की गई है। जिससे प्रेरित होकर अधिक से अधिक लोग गौरैयों के संरक्षण के प्रति जागरूक बनें। इस बारे में संस्थान के संस्थापक सदस्य व समाजसेवी राजीव रंजन सिंह ने बताया की मानव जीवन व हमारे पारिस्थितिकी तंत्र का अहम हिस्सा रहे नन्हें परिंदो के कलरव को अपने आस-पास के वातावरण में पुनस्र्थापित करने के लिए गौरैया कुंज का अभियान शुरू किया गया है। जो अगले चरण में नगर के विभिन्न विद्यालयों में भी कुंज स्थापित कर किया जाएगा। विदित हो की पूरे विश्व में गौरैया के संरक्षण व संवर्धन के लिए 20 मार्च को विश्व गौरैया दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर संस्थान के व्यवस्थापक संजय चैबे, आचार्य विंध्याचल ओझा, अभिषेक तिवारी मोनू, अविनाश मिश्रा, राजेश माली, राकेश पाठक, पंडित छोटे मिश्रा सहित अन्य लोग शामिल थे।










