अयोध्या में श्रीराम नवमी पर 1251 कुण्डीय महायज्ञ का भव्य शुभारंभ, सरयू तट तक निकली विशाल जलभरी यात्रा
बक्सर। अयोध्या धाम में श्रीराम नवमी के पावन अवसर पर भव्य धार्मिक आयोजन का शुभारंभ बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ किया गया। अयोध्या के राजघाट क्षेत्र में 20 मार्च से 28 मार्च 2026 तक आयोजित 1251 कुण्डीय श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ सह श्रीहनुमत-श्रीराम महायज्ञ में देशभर से लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने आयोजन स्थल का दौरा कर संत-महात्माओं का आशीर्वाद लिया और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने आयोजन को सनातन संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र बताया। महायज्ञ का शुभारंभ परम पूज्य श्री लक्ष्मीप्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज की पावन उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया। इस दौरान महंत श्री धर्मदास जी महाराज, आचार्य सत्येंद्र दास सहित कई प्रमुख साधु-संतों ने भाग लिया और सनातन धर्म की महिमा का वर्णन किया। पहले दिन विशाल जलभरी यात्रा निकाली गई, जिसमें उत्तर प्रदेश, बिहार सहित कई राज्यों से लाखों श्रद्धालु शामिल हुए। लगभग 5 किलोमीटर लंबी यह यात्रा यज्ञ मंडप से प्रारंभ होकर हरकी पौड़ी होते हुए सरयू तट तक पहुंची। पूरे मार्ग में “जय श्रीराम” के गगनभेदी जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। सरयू तट पर वैदिक विधि-विधान से पवित्र जलभरी अनुष्ठान संपन्न हुआ। आयोजन समिति ने बताया कि यह महायज्ञ धर्म, संस्कृति और सनातन परंपरा के प्रचार-प्रसार का विशाल केंद्र बन गया है। श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा, आवास और भोजन की विशेष व्यवस्था की गई है।












