गांधी साहित्य परिषद पुस्तकालय का निरीक्षण, पांडुलिपियों के डिजिटाइजेशन पर डीएम साहिला ने दिया जोर
डुमरांव। भारतीय ज्ञान परंपरा को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने हेतु भारत सरकार के फ्लैग्शिप पहल के रूप में पांडुलिपियों के संरक्षण एवं डिजिटाइजेशन के लिए शुरू किए गए ज्ञान भारतम मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिलाधिकारी साहिला ने नगर के राजगढ़ स्थित गांधी साहित्य परिषद पुस्तकालय का डुमरांव राज परिवार के साथ निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने लगभग 100 वर्ष पुराने पुस्तकालय में रखे पांडुलिपियों को संग्रहित कर उसके डिजिटाइजेशन की बात कही। जो आने वाली पीढ़ियों के लिए अपनी संस्कृति व परंपरा से संबंधित ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए बहुत बड़ी सौगात साबित होगी। इसके साथ ही उन्होंने अपने मातहत अधिकारियों को नामित किए गए सर्वेयर के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक लोगों को ज्ञान भारतम मिशन एप की सहायता से पांडुलिपियों के डिजिटाइजेशन के लिए जागरूक करने की बात कही। जिससे मिट रही पांडुलिपियों को संरक्षित किया जा सके। विदित हो की पांडुलिपियों को संग्रहित करने के लिए डुमरांव से समाजसेवी राजीव रंजन सिंह एवं शिक्षक पूर्णानंद मिश्रा को पांडुलिपि सर्वेयर नामित किया गया है। जिलाधिकारी साहिला ने राजगढ़ परिसर स्थित लगभग 350 वर्ष पुराने हनुमान मंदिर तथा 1824 में निर्मित बांके बिहारी जी के मंदिर का बारीकी से निरीक्षण किया। साथ ही दोनों मंदिरो में पूजा-अर्चना भी की। इस मौके पर डुमरांव राज परिवार के महाराज शिवांग विजय सिंह, महाराज कुमार मानविजय सिंह, महाराज कुमार सुमेर विजय सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। वहीं जिलाधिकारी के साथ निरीक्षण के दौरान अनुमंडलाधिकारी राकेश कुमार, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी विनीत कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी संदीप पाण्डेय, सर्वेयर राजीव रंजन सिंह, पूर्णानंद मिश्रा, प्रधानाचार्य विमल सिंह सहित अन्य लोग शामिल थे।










