सरकारी भूमि पर अतिक्रमण का आरोप, जांच की मांग तेज

चक्की। अंचल अंतर्गत मौजा अरक स्थित खेसरा संख्या 1631, खाता संख्या 548 की सर्वसाधारण (अनाबाद) भूमि पर अतिक्रमण एवं संदिग्ध बंदोबस्ती का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ग्राम निवासी भीम सिंह ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि उक्त भूमि पर मंदिर, सार्वजनिक रास्ता और कुआं जैसे सार्वजनिक उपयोग के प्रमाण सीएस व आरएस सर्वे अभिलेखों में दर्ज हैं, इसके बावजूद भूमि उपयोग और बंदोबस्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। भीम सिंह के अनुसार, वे 18 फरवरी 2026 से लगातार अंचल, जिला और राज्य स्तर पर आवेदन दे रहे हैं तथा 50 से अधिक ईमेल शिकायतें भी भेजी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने 10 अप्रैल 2026 को हुई मापी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सीमांकन अधूरा रहा और पिलर नहीं लगाए गए। साथ ही 1981 की लीज समाप्त होने के बावजूद कब्जा जारी रहने का भी आरोप लगाया। उन्होंने पुनः मापी, स्थायी सीमांकन और अतिक्रमण हटाने की मांग की है।










