शताब्दी वर्ष पर संघ का संवाद, पंच परिवर्तन से समाज बदलाव का संदेश
डुमरांव। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम के अंतर्गत प्रमुख जन गोष्ठी स्थानीय अनंतविजयम एकेडमी में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में डुमरांव नगर के प्रमुख बुद्धिजीवियों के बीच सार्थक संवाद हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत शिक्षण बौद्धिक प्रमुख उपेंद्र भाई त्यागी, प्रांत कुटुंब के सह संयोजक जयशंकर पाण्डेय, सभापति मिश्र इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन के निदेशक चंदन कुमार मिश्र और नगर संघचालक वीरेंद्र राय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।कार्यक्रम का विषय प्रवेश करते हुए विभाग कार्यवाह विमल कुमार सिंह ने कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष के निमित्त आयोजित कार्यक्रमों में प्रमुख जन गोष्ठी भी है। संघ का उद्देश्य उसका विचार और संघ का कार्य जन-जन तक पहुंचे इसके लिए प्रमुख जनों के साथ सार्थक संवाद करने के लिए यह गोष्ठी आयोजित है। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सह वक्ता उपेंद्र भाई त्यागी ने कहा कि संघ 100 वर्ष पहले व्यक्ति निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का जो विराट उद्देश्य को सामने रखकर काम करना शुरू किया था वह आज भी अपने उद्देश्य के साथ पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अपनी इस साधना से संघ ने बड़े परिवर्तन की नींव रखी है जो दर्शनीय और अनुकरणीय है।संघ शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तन के माध्यम से समाज परिवर्तन की बात कह रहा है जिसमें सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व का जागरण और नागरिक शिष्टाचार सम्मिलित है। प्रत्येक व्यक्ति संकल्प पूर्वक अपने जीवन और आचरण में छोटे से बदलाव लाकर समाज निर्माण बड़ी भूमिका निभा सकता है। संघ इसी के लिए प्रयास कर रहा है। सामाजिक खाई को पाटने के लिए सामाजिक समरसता के प्रति जीवन स्वाभाविक आग्रह होना चाहिए।गोष्ठी में एक दर्जन लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए जिसमें वे लोगों ने बताया कि कैसे छोटे से संकल्प के साथ अपने जीवन की आदतें बदल रहे हैं।सभापति इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन के चेयरमैन और निदेशक चंदन कुमार मिश्र ने कहा कि हमारा संस्थान इन पंच परिवर्तन के आधार को मानकर संचालित हो रहा है। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन भी चंदन कुमार मिश्रा ने किया और संचालन विमल कुमार सिंह ने किया। सामूहिक गीत, संस्थान के उप प्राचार्य संतोष कुमार और सुधांशु भगत ने लिया।कार्यक्रम में जिला प्रचारक अभिषेक भारती, रघुवर सिंह, संजय चौबे, डॉ अभय कुमार पाण्डेय, संतोष कुमार उपाध्याय, रामाश्रय राम, राजीव भगत, वंदना भगत, जितेंद्र मिश्रा, मुकेश कुमार सिंह, राजीव सिंह, पशुपति सिंह, भरत प्रसाद समेत अन्य लोग थे।










