बिहार विधान परिषद में भव्य परशुराम प्रकटोत्सव, गूंजा जय परशुराम
बक्सर। मंगलवार को परशुराम सेवा सहायता फाउंडेशन, बिहार के तत्वावधान में भगवान परशुराम प्रकटोत्सव का भव्य आयोजन बिहार विधान परिषद सभागार (एनेक्सी हॉल), विधानसभा परिसर में हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम ब्राह्मण समाज के आदर्शों को सशक्त करने एवं सनातनी संस्कृति की रक्षा का संकल्प लेने का प्रतीक बना। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष एवं संयोजक पंडित मनीष कुमार मिश्रा ने की, जबकि संचालन पंडित आशुतोष एवं पंडित नगेंद्र जी द्वारा किया गया। समापन युवा सचिव विक्की मिश्रा एवं नीरज मिश्रा द्वारा किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सभी अतिथियों द्वारा पुष्पार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से संबोधन देकर शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर संगठन अध्यक्ष पंडित मनीष कुमार मिश्रा ने बताया कि फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य, वृद्धाश्रम, अनाथालय, मठ-मंदिर रक्षा गौशाला एवं गरीब कन्याओं के विवाह जैसे सामाजिक कार्यों में सक्रिय है। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम विष्णु के छठे अवतार हैं और उनके आदर्शों पर चलकर समाज को आगे बढ़ाना चाहिए। शिक्षा मार्गदर्शन हेतु इंजीनियर सूरज (सीईओ, नेक्सजेन) ने उच्च शिक्षा परे जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने “भगवान परशुराम की जय” के जयघोष के साथ आयोजकों को बधाई दी। मुख्य उपस्थित गणमान्य व्यक्ति अशोक पांडे (एमएलसी), राजेश भट्ट (राष्ट्रीय प्रवक्ता, लोजपा), अर्जित शाश्वत चौबे (पूर्व प्रत्याशी, भागलपुर), मृत्युंजय तिवारी (प्रवक्ता, आरजेडी), मनोरंजन गिरी (महासचिव, जदयू), प्रभात रंजन झा, संतोष तिवारी (जदयू प्रदेश सचिव), संजय चौधरी (संगठन संरक्षक), बृजेश तिवारी (बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष), डॉ. निखिल चौधरी, सुनील शुक्ला (राष्ट्रीय सचिव, मानवाधिकार आयोग), विनोद पांडे, डॉ. सूर्य भूषण पांडे, अधिवक्ता समिता पांडे (हाईकोर्ट), अधिवक्ता अमृता चौबे (हाईकोर्ट), बृजेश चौबे, डॉ. मनोज मिश्रा, प्रवीण उपाध्याय, कृष्णा पाडे (मुखिया), दीपू दुबे, डॉ विमल पांडे, रंगनाथ पांडे, आनंद पांडे, पुटूस पांडे, चंदन झा, सिद्धनाथ तिवारी, रणविजय पांडे, राजेश मिश्रा, मुरारी मिश्रा, विकास दुबे, आयुष कुमार उपाध्याय, गया मिश्रा, लक्ष्मण किशोर पांडे, प्रमोद उपाध्याय (मुजफ्फरपुर) सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। यह आयोजन परशुराम सेवा सहायता फाउंडेशन की सामाजिक एवं सांस्कृतिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।










