रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर एसपीएस स्कूल में श्रद्धांजलि, छात्रों ने दी भावपूर्ण प्रस्तुति
इटाढ़ी। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि एसपीएस स्कूल, उनवांस में मनाई गई। इस अवसर पर राष्ट्रकवि दिनकर के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। विद्यालय के प्रांगण में बच्चों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रबंधक डॉ. वैरागी प्रभाष चतुर्वेदी ने कहा कि राष्ट्रकवि दिनकर अपनी देशभक्ति, वीरता और राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत रचनाओं के कारण जनता में अत्यंत लोकप्रिय हुए और राष्ट्रकवि के रूप में समादृत हुए। उन्होंने ‘रेणुका’, ‘हुंकार’, ‘कुरुक्षेत्र’, ‘रश्मिरथी’, ‘नीलकुसुम’, ‘उर्वशी’, ‘परशुराम की प्रतीक्षा’, ‘संस्कृति के चार अध्याय’, ‘मिट्टी की ओर’, ‘अर्धनारीश्वर’ और ‘काव्य की भूमिका’ जैसी कालजयी कृतियाँ हिंदी साहित्य को दीं। उन्हें ‘उर्वशी’ के लिए ज्ञानपीठ पुरस्कार, ‘संस्कृति के चार अध्याय’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार तथा वर्ष 1959 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। विद्यालय के शिक्षकों ने कहा कि दिनकर विद्रोह, आक्रोश और क्रांति के कवि थे, जिन्हें जनता ने राष्ट्रकवि के रूप में सम्मान दिया। इस अवसर पर विद्यालय के बच्चों ने दिनकर की प्रमुख कविताओं पर पोस्टर बनाए। कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य पंकज पांडेय, अभय तिवारी, कौशल शर्मा सहित अन्य शिक्षक एवं छात्र उपस्थित रहे।










