महिला यौन उत्पीड़न अधिनियम 2013 के प्रावधानों पर जागरूकता बढ़ाने को विशेष सत्र आयोजित
बक्सर। महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू महिला यौन उत्पीड़न अधिनियम 2013 के प्रमुख प्रावधानों के बारे में जागरूकता फैलाने पर जोर दिया जा रहा है। अधिनियम के अनुसार यौन उत्पीड़न में अवांछित शारीरिक संपर्क, यौन अनुग्रह की मांग, यौन रंगीन टिप्पणियां, अश्लील सामग्री दिखाना तथा घूरना, पीछा करना या धमकी देना जैसे व्यवहार शामिल हैं। कार्यस्थल की परिभाषा में कार्यालय, कार्य से जुड़ी सभी गतिविधियां तथा कार्य के सिलसिले में यात्रा और आवास भी शामिल हैं। अधिनियम के तहत 10 या अधिक कर्मचारियों वाले प्रत्येक संस्थान में आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) का गठन अनिवार्य है। शिकायत पीड़िता या उसके प्रतिनिधि द्वारा तीन माह के भीतर दर्ज कराई जा सकती है। दोषी पाए जाने पर आरोपी को निलंबन, बर्खास्तगी जैसी अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ पीड़िता को मुआवजा देने का भी प्रावधान है।










