ईरान-इजरायल युद्ध का असर, रेडीमेड कपड़ों के दाम 10 से 25 प्रतिशत तक बढ़े, व्यापार पर भी पड़ा असर
चक्की। ईरान-इजरायल युद्ध का असर अब आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों पर साफ दिखाई देने लगा है। रेडीमेड कपड़ों के दामों में अचानक आई बढ़ोतरी से ग्राहक और व्यापारी दोनों परेशान हैं। बाजार में शर्ट, पैंट, टी-शर्ट, जींस और बच्चों के कपड़ों के दामों में 10 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। व्यापारियों के अनुसार युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। कपास, पॉलिएस्टर, डाई और अन्य केमिकल्स की कीमतों में तेजी आई है, जिससे कपड़ा उत्पादन महंगा हो गया है। इसके साथ ही पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से परिवहन लागत भी काफी बढ़ गई है, जिसका सीधा असर कपड़ों की कीमतों पर पड़ा है। कपड़ा व्यवसायी मुकेश कुमार ने बताया कि पहले जो शर्ट 500 से 700 रुपये में बिकती थी, अब उसकी कीमत 650 से 900 रुपये तक पहुंच गई है। इसी तरह जींस और अन्य रेडीमेड कपड़ों में 200 से 300 रुपये तक की बढ़ोतरी देखी जा रही है। बच्चों के कपड़ों के दामों में भी 15 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। दुकानदारों का कहना है कि थोक बाजार से ही महंगा माल मिलने के कारण उन्हें मजबूरी में कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं। इसका असर बिक्री पर भी पड़ा है और व्यापार में 20 से 30 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अब जरूरत के अनुसार ही खरीदारी कर रहे हैं और कई लोग पुराने कपड़ों को मरम्मत कर उपयोग कर रहे हैं। व्यापारियों ने सरकार से राहत और कर में छूट की मांग की है।











