नशा मुक्ति और पुनर्वास पर दिवसीय सेमिनार आयोजित
बक्सर। सोमवार को सिविल कोर्ट, बक्सर स्थित डीएलएसए हॉल में सोमवार को “नशा मुक्तिरू जागरूकता, रोकथाम एवं पुनर्वास” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बक्सर (डीएलएसए) एवं बक्सर मेडिकल सिटी फाउंडेशन द्वारा डॉन (ड्रग अवेयरनेस एंड वेलनेस नेविगेशन) प्रोग्राम के अंतर्गत किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला एवं सत्र न्यायाधीश काजल झांब ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर प्रिंसिपल जज फैमिली कोर्ट मनोज कुमार, एडीजे-1 उदय प्रताप सिंह, एडीजे-2 मनीष कुमार शुक्ला, एडीजे-3 सुदेश कुमार श्रीवास्तव एवं बार एसोसिएशन के सचिव विंदेश्वरी प्रसाद पाण्डेय उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि नशा एक सामाजिक व मानसिक समस्या है, जिसे अपराध नहीं बल्कि उपचार और पुनर्वास के दृष्टिकोण से देखना चाहिए। फाउंडेशन के निदेशक राम नारायण ने नशा उन्मूलन में समाज, चिकित्सा और न्याय व्यवस्था के समन्वय पर बल दिया। सचिव नेहा दयाल ने निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी दी। मनोवैज्ञानिक के.के. पांडेय ने नशे के दुष्प्रभाव और रोकथाम के उपाय बताए। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।










