बक्सर गोलंबर पर फ्लाईओवर नहीं जाम की समस्या बरकरार विरोध की चेतावनी
बक्सर। जिला मुख्यालय को जोड़ने वाली एनएच-922 सड़क का कायाकल्प फोर लाईन के रूप में जब से हुआ है और भरौली तक आने वाली पूर्वाचल एक्सप्रेस को जोड़ने के लिए टू लेन का पुल जबसे बना है तब से जिलेवासियों के लिए खासकर जिला मुख्यालय में रहने वाले ऐसे तमाम राहगीर, व्यवसाई एवं परीक्षार्थियों के लिए यह सड़क सर दर्द बन चुका है। आए दिन ट्रकों की लम्बी-लम्बी कतार कई किलोमीटर के दायरे में रहती है वो भी एक नहीं तीन-तीन लाईन में ट्रक ऐसे कतारबद्व लग जाते है जैसे मानों कोई पैदल ही नहीं चल सकता। ऐसे में विपरीत दिशा से दोनों तरफ से गाड़ियों का आवाजाही रहती है जिसके चलते तमाम दुर्घटनाए घटित हुई है। अगर आंकड़ों पर गौर किया जाए तो जिला क्षेत्र में जितनी दूर की सड़के है उस पर आए दिन कही न कही छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं घटित होती रही है जिससे अबतक लगभग सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। बावजूद इसके भी अब तक न जिला प्रशासन न सरकार और न ही एनएचआई इस पर विचार कर पाई है कि जो ये परेशानिया आ चुकी है वो कैसे हल होगा। आपको बता दे कि पिछले जिलाधिकारी अमन समीर, अंशुल अग्रवाल, डाॅ0 विद्यानंद सिंह के द्वारा उत्पन्न हुई ऐसी परिस्थितियों के निराकारण हेतु विभाग को पत्र लिखा गया कि जो गंगा नदी पर नया फोर लाईन पुल प्रस्तावित हो रहा है उसकी कनेक्टिविटी फ्लाईओवर के माध्यम से बक्सर गोलम्बर को पार करते हुए बनाया जाए ताकि उत्तर प्रदेश या पूर्वाचल एक्सप्रेसवे पर जाने वाले वाहन गोलम्बर चौराहा के ऊपर-ऊपर निकल सके और नीचे से स्थानीय गाड़िया निकलती रहे। बावजूद इसके भी एनएचआई के तरफ से जो नया फोर लाईन पुल गंगा नदी पर बनाया जा रहा है वो गोलम्बर के बाद ही नीचे ही सड़क मार्ग को टच कर रहा है। ऐसे में तो ये परेशानिया पुनः बनी ही रहेगी। चुंकी गोलम्बर पर जिला मुख्यालय स्टेशन तरफ आने-जाने वाली गाड़ियो की कतार लम्बी रहती है उसमें भी जासों मार्ग जो डुमरांव तक जाता है उसमें भी गाड़ियों की तदाद अधिक रहती है और जब ऐसे में एनएच-922 पर भी ट्रको का दिनभर जमावड़ा बना रहता है तो ऐसी स्थिति में गोलम्बर का दशा एवं दिशा कैसे अब तय होगा। आपको बता दे की बक्सर गोलंबर से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को पुल के साथ जोड़ने वाली फोर लाइन मार्ग की कुल लंबाई 17 किलोमीटर है।
कहते है स्थानीय लोग:-
स्थानीय लोगो की माने तो पिछले जिलाधिकारी एवं एनएचआई विभाग के तरफ से एवं पिछले सांसद विधायक के तरफ से भी ये आश्वस्त किया गया था कि जो नया पुल बनेगा वो बक्सर गोलम्बर को फ्लाईओवर के माध्यम से क्रास करते हुए आगे की ओर गिरेगा ताकि जाम की समस्या को दूर किया जाएगा। परंतु जब ऐसा नहीं होगा तो हमलोग धरना प्रदर्शन करेंगे।
कहते है एनएचआई परियोजना निदेशक:-
परियोजना निदेशक ने अखबार को बताया कि जो भी फ्लाईओवर को लेकर बाते हो रही है वो पूर्वाचल एक्सप्रेसवे मार्ग कनेक्टिविटी में केवल यूपी भरौली में प्रस्तावित है। बक्सर में गोलम्बर पार करने के बाद नया फोर लाईन पुल जो गंगा नदी पर प्रस्तावित है उसमें कनेक्टिविटी नीचे-नीचे ही दिया जा रहा है।










