भगवान शिव के अपमान से आहत होकर माता सती ने किया शरीर का त्याग — युगल किशोर शरण जी महाराज
केसठ। प्रखंड के दसियांव गांव में बाबा हरसु मानस मंडल के तत्वावधान में हरसु ब्रह्म जयंती के अवसर पर भव्य श्रीराम कथा का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम के तीसरे दिन रविवार को बक्सर के प्रसिद्ध संत मामाजी के शिष्य एवं कथा वाचक युगल किशोर शरण जी महाराज ने माता सती के शरीर त्याग और दक्ष के यज्ञ विध्वंस की मार्मिक कथा विस्तारपूर्वक सुनाई। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि किस प्रकार पिता दक्ष द्वारा भगवान शिव का अपमान किए जाने से आहत होकर माता सती ने योगाग्नि में अपने शरीर का त्याग कर दिया। इसके उपरांत भगवान शिव के रौद्र स्वरूप और दक्ष के यज्ञ के विध्वंस का सजीव वर्णन करते हुए उन्होंने श्रद्धालुओं को भक्ति, संयम और श्रद्धा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। कथावाचन के समय पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और संपूर्ण वातावरण भक्तिमय बन गया। कार्यक्रम का संचालन सतीश कुमार द्विवेदी ने किया, जिन्होंने मंच संचालन को सहज और प्रभावशाली बनाया। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और भक्तों की भीड़ उमड़ी रही। कार्यक्रम का समापन 27 जनवरी को होगा। पूरे गांव में श्रीराम कथा को लेकर उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना हुआ है।










