प्रिंसिपल अजीत कुमार की मेहनत से चक्की स्कूल में दिखी नई रोशनी
चक्की। चक्की मध्य विद्यालय लहना के प्रिंसिपल अजीत कुमार की मेहनत और समर्पण की कहानी प्रेरणादायक है। बचपन से उच्च शिक्षा का सपना रखने वाले अजीत कुमार की पढ़ाई बीए के बाद रुक गई, लेकिन उन्होंने अपने मनोबल से शिक्षा की ज्योति बुझने नहीं दी। सरकारी प्रिंसिपल बनकर उन्होंने अपने स्कूल की दशा सुधारने के लिए निजी खर्च से पेंटिंग और अन्य आवश्यक सामान कराए। ग्रामीणों का कहना है कि उनके आने के बाद स्कूल की स्थिति चक्की प्रखंड में काफी बेहतर हुई है। अजीत कुमार बताते हैं कि साल भर में सरकार की ओर से केवल 75 हजार रुपये मिलते हैं, जिसमें स्कूल की जरूरतें पूरी करना मुश्किल है, फिर भी वह अपने पैसे से काम करते हैं। उनका मानना है कि पैसा कमाना लक्ष्य नहीं है, बल्कि बच्चों को शिक्षा देना प्राथमिकता है। स्कूल में 400 बच्चे पढ़ते हैं और सभी का नियमित आना-जाना सुनिश्चित किया जाता है। उन्होंने कहा कि चक्की प्रखंड से कोई छात्र डीएम या एसपी बनता है तो जिले और बिहार का नाम भी रोशन होता है। उनके समर्पण और अनुशासन को देखते हुए कई बड़े अधिकारी भी स्कूल का निरीक्षण कर चुके हैं।










