डी.के. कॉलेज, डुमरांव की प्राचार्या प्रो. वीणा कुमारी अमृत को “हिन्दी रत्न” अलंकार से सम्मानित
डुमराँव। डी.के. कॉलेज, डुमरांव की प्राचार्या प्रो. वीणा कुमारी अमृत को हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित “हिन्दी रत्न” अलंकार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के तत्वावधान में आयोजित समारोह में बिहार विधानसभा के डॉ. प्रेम कुमार द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर साहित्य जगत एवं शिक्षा जगत से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। प्रो. वीणा कुमारी अमृत को यह अलंकार हिन्दी साहित्य में उनके सतत, सृजनात्मक एवं प्रभावशाली योगदान के लिए दिया गया। हिन्दी साहित्य से संबंधित अनेक प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में उनकी रचनाएं प्रकाशित हो चुकी हैं। हाल ही में वाणी प्रकाशन से प्रकाशित उनका कविता संग्रह “मेरे हिस्से का आसमान” अल्प समय में ही पाठकों के बीच विशेष लोकप्रियता हासिल कर चुका है, जो उनकी साहित्यिक प्रतिभा का प्रमाण है। इस उपलब्धि पर महाविद्यालय परिवार में हर्ष का माहौल है। कॉलेज के सीनेट सदस्य एवं शिक्षकगणों में डॉ. विनोद कुमार सिंह, डॉ. उषा रानी, डॉ. मनोज कुमार सिंह, डॉ. रवि रंजन पाण्डेय, डॉ. अब्दुल कैश, अवनीश कुमार सिंह, डॉ. राम सुभग सिंह, अरबाब खान, डॉ. फैसल खान, डॉ. रमेश कुमार यादव, डॉ. संध्या कुमारी, डॉ. ज्योत्सना कुमारी, डॉ. रूचि बाला सहित अन्य शिक्षकों ने उन्हें बधाई दी। वहीं शिक्षकेत्तर कर्मियों में मनोज कुमार, रेवती रमण मिश्रा, विकास कुमार सिंह, अजित कुमार सिंह, अखिलेश्वर सिंह, अर्चना सिन्हा, अभिमन्यु सिंह, श्रीभगवान राय, आशीष कुमार ओझा सहित अन्य कर्मचारियों ने भी शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।










