प्राकृतिक खेती पर कृषि सखियों का पाँच दिवसीय प्रशिक्षण शुरू
बक्सर। बुधवार को कृषि विज्ञान केन्द्र, बक्सर में प्राकृतिक खेती विषय पर कृषि सखियों के लिए पाँच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यह प्रशिक्षण 24 से 28 सितम्बर तक चलेगा, जिसमें सदर, चौसा, ब्रह्मपुर, सिमरी और इटाढ़ी प्रखंड की 18 चयनित कृषि सखियाँ शामिल हैं। कार्यक्रम का उद्घाटन भा.कृ.अनु.प. पटना के प्रधान वैज्ञानिक सह विभागाध्यक्ष डॉ. उज्ज्वल कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी धमेन्द्र कुमार और वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. देवकरन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। डॉ. देवकरन ने बताया कि जिले के विभिन्न कलस्टरों में प्राकृतिक खेती तकनीक के प्रसार हेतु कृषि सखियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। मुख्य अतिथि डॉ. उज्ज्वल कुमार ने प्राकृतिक खेती को मानव जीवन का आधार बताते हुए कहा कि यह खेती को प्रकृति से जोड़ती है तथा मिट्टी के जीवाणुओं, मृदाजीव और केंचुओं की संख्या बढ़ाती है। उन्होंने इस अभियान को मिशन मोड में आगे बढ़ाने पर जोर दिया। धमेन्द्र कुमार ने कहा कि कृषि विभाग किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने को प्रतिबद्ध है। प्रशिक्षण निदेशक हरिगोबिन्द ने बताया कि पाँच दिवसीय प्रशिक्षण में 14 सैद्धांतिक, 02 प्रयोगात्मक और 03 समूह चर्चा सत्र आयोजित होंगे। प्रतिभागियों को प्राकृतिक खेती मॉडल का भ्रमण कराकर नीमास्त्र, जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत बनाने व प्रयोग की जानकारी दी जाएगी। विशेषज्ञ डॉ. रामकेवल ने प्राकृतिक खेती की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। पहले दिन प्रतिभागियों को राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन की विस्तृत जानकारी दी गई। मौके पर प्रगतिशील किसान संजय पाठक, कमलेश पाण्डेय, जयप्रकाश सिंह और अशोक पोद्दार ने अनुभव साझा किए। प्रशिक्षणार्थियों में पुनम देवी, संगिता देवी, वर्षा कुमारी, प्रियंका कुमारी, सीमा देवी, रंजु देवी व निशा देवी सहित अन्य उपस्थित रहीं। अंत में धन्यवाद ज्ञापन रोहित सिंह ने किया। कार्यक्रम में अभिषेक रंजन, शिवजी शर्मा, राहुल सूर्यवंशी, प्रभाकर तिवारी, राजा यादव सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।










