जवान की आवंटित जमीन पर दबंगों का दावा, जांच रिपोर्ट में अतिक्रमण नहीं
चक्की। अंचल क्षेत्र के अरक गांव में एक 45 साल पुरानी आवंटित भूमि को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है। देश की सेवा में बॉर्डर पर तैनात एक जवान ने आरोप लगाया है कि उसकी वैध रूप से आवंटित 2 डिसमिल भूमि पर स्थानीय दबंग जबरन दावा कर रहे हैं, गाली-गलौज, धमकी और सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक प्रचार कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार खेसरा संख्या 1631 (कुल 4 डिसमिल सरकारी भूमि) में से 2 डिसमिल भूमि लगभग 45 वर्ष पूर्व पीड़ित परिवार को आवंटित हुई थी, जिस पर उनका आवासीय मकान बना है और लगातार राजस्व रसीद कटती रही है। शेष 2 डिसमिल भूमि खाली है, जिसमें कुआं, मंदिर और पौधे स्थित हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पड़ोसी खेसरा संख्या 1616 व अन्य भूमि को लेकर भी विवाद है और सरकारी रास्ते पर अतिक्रमण कर उसे बंद कर दिया गया है। पहले मारपीट का मामला भी दर्ज है, जो न्यायालय में लंबित है। हालांकि चक्की अंचलाधिकारी की जांच और अमीन की नापी में स्पष्ट हुआ कि 2 डिसमिल भूमि पर पीड़ित का मकान स्थित है और कोई नया अतिक्रमण नहीं पाया गया। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। पीड़ित परिवार ने सुरक्षा और सख्त कार्रवाई की मांग की है।










