पी0एम0 किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त हस्तांतरण का सजीव प्रसारण एवं खेत बचाओ अभियान के अन्तर्गत खरीफ किसान गोष्ठी का हुआ आयोजन

प्रधानमंत्री, भारत सरकार की हुगली, कोलकाता से आयोजित कार्यक्रम सहित पी0एम0 किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त हस्तांतरण का सजीव प्रसारण कृषि विज्ञान केन्द्र, बक्सर परिसर मे आयोजित की गई। कार्यक्रम के माध्यम से 9.44 करोड़ किसान भाईयों के खाते मे दो हजार रूपये की किस्त जारी करते हुए कुल 18880 करोड़ रूपये हस्तांतरित किये गये।
भारत सरकार द्वारा वर्ष 2019 से शुरू किसानों के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) आधारित किसान सम्मान निधि कार्यक्रम के 07 वर्ष पूरे होने पर पी0एम0 किसान उत्सव दिवस के रूप मे तथा साथ ही देशव्यापी खेत बचाओ अभियान अन्तर्गत खरीफ किसान गोष्ठी कार्यक्रम कृषि विज्ञान केन्द्र, बक्सर द्वारा आयोजित किया गया। राजपुर विधायक एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संतोष कुमार निराला, आमंत्रित जनप्रतिनिधिगण व प्रगतिशील किसान द्वारा द्वीपप्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत् शुभारंभ किया गया। अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए वरिष्ठ वैज्ञानिक सह प्रमुख डॉ0 देवकरन ने किसानों को मृदा परीक्षण आधारित संतुलित उर्वरक, डी0ए0पी0 की जगह एन0पी0के0 ग्रेड मिश्रित उर्वरकों का प्रयोग, परम्परागत खाद जैसे-गोबर खाद, कम्पोस्ट एवं हरी खाद बनाने की विधियाँ व प्रयोग, आदि की तकनीकी जानकारी दी। उन्होने बताया कि हरी खाद की तकनीकी से खरीफ फसल धान के लिए 30 प्रतिशत तक रासायनिक उर्वरक की बचत कर किसान भाई लागत मुल्य को कम कर अधिक मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं। खरीफ फसल बाजरा, अरहर, उर्द, सब्जियों की उत्पादन तकनीकी की जानकारी भी किसानों को दी गई।
इस मौके पर कृषि विज्ञान केन्द्र, बक्सर परिसर मे लगाई गई लघु कृषि प्रदर्शनी का भ्रमण करते हुए मुख्य अतिथि द्वारा कृषि तकनीकियों की जानकारी लेते हुए ज्यादा से ज्यादा किसानों को इन तकनीकियों से लाभ लेने की बात कहीं। जलवायु परिवर्तन, जल संचयन एवं रासायनिक खाद पर निर्भरता को कम कर जैविक एवं प्राकृतिक खेती के प्रयोग पर बल दिया। कृषि विज्ञान केन्द्र, बक्सर प्रक्षेत्र मे स्थापित हरी खाद जैसे-मँूग एवं ढ़ैचा का भ्रमण कर विशेषज्ञों द्वारा इसकी तकनीकी जानकारी से अवगत कराया गया। कार्यक्रम मे आमंत्रित विवके कुमार, सदस्य 20 सूत्रीय कार्यक्रम, बक्सर ने भी अपने विचार साझा किये।
विशेषज्ञ डॉ0 रामकेवल ने कार्यक्रम के माध्यम से प्राकृतिक खेती एवं जैविक खेती मे प्रयोग किये जानेवाले उत्पाद जैसे-घनजीवामृत, बीजामृत, जीवामृत, नीमास्त्र, अजोला, केचुआँ खाद एवं वर्मीवॉश के उत्पादन विधि एवं प्रयोग की तकनीकी जानकारी दी गई। साथ ही साथ समसामायिकी कृषि परामर्श भी किसानों को कार्यक्रम के माध्यम से दी गई।
कार्यक्रम मे 180 से अधिक महिला एवं पुरूष किसानों ने भाग लिया तथा केन्द्र के आरीफ प्रवेज, रवि चटर्जी, राकेश मणि, सरफराज अहमद खान आदि ने सहयोग दिया।










