मां गंगा एवं कोयला बाबा पूजन में शामिल हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार

बक्सर जिले के ब्रह्मपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत गायघाट के सेमरा गांव में मल्लाह समाज द्वारा आयोजित मां गंगा एवं कोयला बाबा पूजन समारोह में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि तथा जनकल्याण की कामना की।
समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि मां गंगा एवं कोयला बाबा का यह पावन पूजन हमारी सनातन संस्कृति, आस्था, परंपरा एवं लोकजीवन की समृद्ध विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मां गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना की जीवनदायिनी धारा हैं। वहीं कोयला बाबा के प्रति जन-जन की आस्था समाज को धर्म, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
उन्होंने कहा कि मां गंगा की अविरल एवं निर्मल धारा करोड़ों लोगों की श्रद्धा का केंद्र है। गंगा हमें पवित्रता, त्याग, सेवा और समर्पण का संदेश देती हैं। उन्होंने सभी लोगों से गंगा सहित अन्य नदियों एवं जलस्रोतों के संरक्षण और स्वच्छता के लिए संकल्पित होकर कार्य करने का आह्वान किया।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि पूजा-अर्चना केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, सद्भाव, एकता और लोककल्याण की भावना को सशक्त बनाने का माध्यम भी है। ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता को बढ़ावा देते हैं तथा लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं।
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि बिहार की धरती सदैव आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना की भूमि रही है। भगवान बुद्ध, भगवान महावीर, संतों, गुरुओं और महापुरुषों की इस पावन भूमि ने विश्व को शांति, करुणा और मानवता का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी गौरवशाली विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए।
अंत में उन्होंने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए मां गंगा और कोयला बाबा से सभी श्रद्धालुओं पर कृपा बनाए रखने तथा प्रदेश एवं देश में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद प्रदान करने की प्रार्थना की।
कार्यक्रम मे जिला उपाध्यक्ष संतोष पाठक,जिला मंत्री दिलीप चंद्रवंशी,शिव जी मल्लाह, छोटक मल्लाह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।










