BREAKING NEWS
मनोविज्ञान विभाग डी.के. कॉलेज के नवीकृत विभाग तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत में 1909 मामलों का कियपूर्व युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष डाॅ. प्रिय रंहिंदी दिवस के अवसर पर समाहरणालय परिसर में हुआ रामलीला महोत्सव में कृष्ण जन्म और नारद मोह लीनारी का सम्मान समाज का उत्थान – मीना सिंहरामलीला मंच का उद्घाटन कर बोले अश्विनी चौबे वभाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अमरेंद्र पांडबक्सर में 15 थानों के प्रभारी बदले, एसपी शुभम आरकेंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने दिलाई पूर्व बक्सर में वोटर अधिकार यात्रा का शुभारंभ, घर-घरयुवा शक्ति से नया इतिहास लिखेगा बक्सर – गिरिगोयल धर्मशाला में व्यवसायी संघ की बैठक, अमित पश्री रामलीला समिति बक्सर के मंच पर ताड़का वध औरबनारपुर में किसान महापंचायत, कंपनी व प्रशासन दुर्गापूजा को शांतिपूर्ण सम्पन्न कराने हेतु राजपुर विधानसभा में पूर्व मंत्री संतोष कुमारबक्सर में जन सुराज पार्टी की “बिहार बदलाव यातइटाढी प्रखंड में जिला बाल कल्याण समिति के निरबिहार रेडक्रॉस सोसाइटी में नई कार्यकारिणी काभारत प्लस एथेनॉल प्रा. लि. परिसर में धूमधाम से ट्रेनों से शराब बरामद, मोबाइल चोर पकड़ाचक्की में थाना प्रभारी को भावपूर्ण विदाईएबीवीपी समर्थित प्रत्याशियों की जीत पर भव्य बक्सर में आयोजित हुआ प्रखण्ड स्तरीय कृषि सां
विज्ञापन के संदर्भ में :
बड़ी खबर

वीकेएसयू में डॉ. अरुण मोहन भारवि के रचना संसार पर शोध पूर्ण

बक्सर। वीर कुंअर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के भोजपुरी विभाग में शोधार्थी राजेश कुमार आदित्य के पी-एच.डी. शोधप्रबंध “डॉ. अरुण मोहन भारवि के रचना संसार” पर मौखिकी परीक्षा सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। सोमवार, 11 मई को आयोजित यह अवसर भोजपुरी साहित्य जगत के लिए ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण माना गया। कार्यक्रम में भोजपुरी विभागाध्यक्ष प्रो. दिवाकर पाण्डेय, शोध निर्देशिका डॉ. उषा रानी (डी.के. कॉलेज, डुमरांव), प्रो. सिद्धार्थ शंकर (जेपी विश्वविद्यालय, छपरा) तथा सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. अरुण मोहन भारवि की गरिमामयी उपस्थिति रही। वहीं कथाकार कृष्ण कुमार, प्रो. नीरज सिंह, डॉ. कौशल्या शर्मा सहित शोधार्थी रवि प्रकाश सूरज, यशवंत कुमार, संजय कुमार, सोहित सिन्हा, धुनमुन सिंह एवं रश्मि कुमारी भी उपस्थित रहे। शोध परीक्षक प्रो. जंग बहादुर पांडेय, रांची विश्वविद्यालय ने अपने प्रतिवेदन में कहा कि यह शोध भोजपुरी कथा साहित्य के सशक्त हस्ताक्षर डॉ. अरुण मोहन भारवि के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित एक मौलिक और प्रामाणिक अकादमिक कृति है। शोधप्रबंध को सात अध्यायों में विभाजित कर डॉ. भारवि के कथा साहित्य, संपादन-कला, फुटकर रचनाओं तथा साहित्यिक विशेषताओं का गंभीर विश्लेषण किया गया है। इस उपलब्धि पर भोजपुरी साहित्य मंडल के महासचिव डॉ. वैरागी प्रभाष चतुर्वेदी, सचिव अमरेंद्र दूबे, प्रचार सचिव कौशल शर्मा, राष्ट्रीय संरक्षक बालेश्वर दयाल जायसवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष मदनलाल प्रभातीलाल जायसवाल, राष्ट्रीय महासचिव आदित्य वर्धनम, साहित्यकार कृष्ण कुमार एवं कवि शिव बहादुर पांडेय ‘प्रीतम’ ने भोजपुरी विभाग को बधाई दी।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!