श्रीमद्भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी का भव्य विवाह, भक्तों में उल्लास
बक्सर। काशी की पावन धरा पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन आज भक्ति और उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिला। परम पूज्य बाबा गोबिंद जी महाराज के सानिध्य में आज भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी का भव्य विवाह संपन्न हुआ। विवाह के इस पावन प्रसंग पर समूचा पांडाल तालियों की गड़गड़ाहट और मंगल गीतों से सराबोर हो गया। मंगलवार को कथा में स्वामी परिपूर्णानंद जी महाराज के साथ-साथ बक्सर से पधारे सांसद सुधाकर सिंह, लाइफ कोच वर्षा पांडेय, दीपक पांडेय, हेरिटेज स्कूल के डायरेक्टर प्रदीप पाठक, नीलामभुज और कृष्णा चैबे ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। सभी अतिथियों ने भगवान के स्वरूपों की आरती उतारी और आशीर्वाद प्राप्त किया। महाराज श्री ने रुक्मिणी विवाह के आध्यात्मिक पक्ष को समझाते हुए कहा कि रुक्मिणी साक्षात् भक्ति स्वरूपा हैं और भगवान को पाने के लिए अनन्य प्रेम व समर्पण अनिवार्य है। मुख्य आयोजक अमित पांडेय और विजय ने इस अवसर पर विशेष रूप से छप्पन भोग और विवाह की रस्मों का आयोजन किया, जिसमें श्रद्धालुओं ने झूमकर नृत्य किया।










