पूर्व विधायक मुन्ना तिवारी ने केंद्रीय बजट को बिहार और बक्सर विरोधी बताया
बक्सर। बक्सर के पूर्व विधायक मुन्ना तिवारी ने सरकार द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह बजट बिहार और बक्सर दोनों के लिए निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि बजट न तो शिक्षा और रोजगार की जरूरतों को समझता है और न ही किसानों की पीड़ा को। मुन्ना तिवारी ने बताया कि वर्षों से चली आ रही मांग के बावजूद पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा न देना बिहार के छात्रों के साथ ऐतिहासिक अन्याय है। उन्होंने कहा, “शिक्षा मज़बूत होगी तभी समाज और प्रदेश मज़बूत होगा”, लेकिन बजट में इसे पूरी तरह नज़रअंदाज किया गया है। किसानों के लिए बजट पूरी तरह खोखला साबित हुआ है। न तो सिंचाई की स्थायी व्यवस्था है, न फसलों के उचित दाम और न ही खाद व बीज पर कोई राहत। युवाओं के लिए सिर्फ़ भाषण और घोषणाएँ हैं, रोजगार पर कोई ठोस योजना नहीं। पूर्व विधायक ने कहा कि यह बजट आम आदमी के लिए नहीं, बल्कि कुछ चुनिंदा लोगों के लिए है। छोटे और मझोले उद्योग, कपड़ा और निर्माण क्षेत्र को मदद की आवश्यकता के बावजूद बजट में अनदेखा किया गया। मुन्ना तिवारी ने इस बजट का पुरज़ोर विरोध करने की घोषणा की।










