शिक्षकों के व्यावहारिक प्रशिक्षण को लेकर डायट डुमरांव में कार्यशाला
डुमरांव। शिक्षकों के प्रशिक्षण को अधिक व्यावहारिक, प्रभावी और उपयोगी बनाने के उद्देश्य से डायट डुमरांव में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन सर्व शिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी चंदन द्विवेदी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डुमरांव सुधांशु कुमार एवं डायट डुमरांव के प्राचार्य विवेक मौर्य ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यशाला में आवश्यकता-आधारित मूल्यांकन प्रपत्र के निर्माण हेतु कार्यशाला समन्वयक डायट के वरीय व्याख्याता नवनीत कुमार सिंह, विषय विशेषज्ञ आनंद मिश्र, मनोज त्रिपाठी सहित जिले के विभिन्न स्तर के शिक्षक शामिल हुए। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए डीपीओ चंदन द्विवेदी ने कहा कि यदि शिक्षकों की व्यक्तिगत शैक्षिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर प्रशिक्षण के उद्देश्य और मॉड्यूल तैयार किए जाएं, तो इससे शैक्षिक चुनौतियों का समाधान संभव है। वहीं बीईओ सुधांशु कुमार ने कहा कि सामाजिक और स्थानीय परिवेश के अनुसार शिक्षकों व छात्रों की जरूरतें बदलती रहती हैं, जिसे पहचानने में ऐसी कार्यशालाएं उपयोगी हैं। डायट प्राचार्य विवेक मौर्य ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशाला शिक्षकों के कौशल को निखारने में सहायक होगी। प्रथम दिन कार्यशाला के उद्देश्य, अपेक्षित परिणाम तथा आवश्यकता-आधारित मूल्यांकन की अवधारणा पर चर्चा हुई और शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया से जुड़े प्रमुख क्षेत्रों व संकेतकों की पहचान की गई। द्वितीय दिन संकेतकों के आधार पर प्रश्नों के प्रारूपण तथा प्राथमिक से उच्च माध्यमिक स्तर तक के लिए मूल्यांकन प्रपत्र की संरचना पर विमर्श किया गया। समन्वयक नवनीत कुमार सिंह ने बताया कि कक्षा 1 से 12 तक के शिक्षकों के लिए तैयार प्रपत्र का पायलट परीक्षण कर अंतिम रूप दिया जाएगा। विषय विशेषज्ञ आनंद मिश्र व मनोज त्रिपाठी ने इसे एनईपी 2020 के अनुरूप बताया। कार्यशाला में डॉ. मृत्युंजय राय, पवन कुमार मिश्रा, मो. इमाम अली, राजेश कुमार राय, रविशंकर गुप्ता, संदीप आर्य, अजीत कुमार, बिमल सिंह सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।










