बाबू रामनरेश सिंह यादव की 22वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, पुष्प अर्पण व पुस्तक वितरण कार्यक्रम आयोजित
बक्सर। शुक्रवार को चतुरसाल गंज डुमरांव (नियर अनुमंडल कार्यालय) स्थित महान स्वतंत्रता सेनानी बाबू रामनरेश सिंह यादव की 22वीं पुण्यतिथि पर स्वतंत्रता सेनानी के परिजनों एवं गणमान्य व्यक्तियों तथा अतिथियों द्वारा उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर पुस्तक वितरण किया गया। साथ ही उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानी के सुपुत्र सेवानिवृत्त शिक्षक ददन सिंह ने कहा कि मेरे पिता जी आजादी की लड़ाई में घर-द्वार छोड़कर तिरंगा झंडा लिए गांव-गांव घूमकर आजादी का बिगुल फूंकते रहे। जब तक देश आज़ाद नहीं हुआ, तब तक वे संघर्ष करते रहे। इस अवसर पर वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय (आरा) के सीनेट सदस्य डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या, संघर्ष एवं बलिदान से लगभग दो सौ वर्षों के बाद देश को गुलामी से मुक्ति मिली। स्वतंत्रता संग्राम के सिपाहियों के विचार भिन्न-भिन्न थे, जिनमें महात्मा गांधी के विचार सर्वाेत्कृष्ट थे। उनसे प्रभावित होकर बाबू रामनरेश सिंह यादव ने देश की आजादी मिलने तक संघर्ष जारी रखा। इस अवसर पर संतोष सिंह, अमितेश कुमार (रिंकू), छात्र नेता अभिषेक यादव, पप्पू यादव, मनोज सिंह यादव, सुरेश यादव, उप मुखिया सुनील जी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।










