समावेशी शिक्षा पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण का समापन, शिक्षकों को दिए गए विशेष मार्गदर्शन
डुमरांव। समावेशी शिक्षा के तहत आयोजित तीन दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण का समापन शनिवार को कन्या मध्य विद्यालय, डुमरांव में हुआ। प्रशिक्षण में डुमरांव प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों से आए सामान्य शिक्षकों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों की समय पर पहचान कर उनकी क्षमता के अनुरूप शिक्षा प्रदान करना और विद्यालय में उनके ठहराव को सुनिश्चित करना था। प्रशिक्षकों ने बताया कि समावेशी शिक्षा में बच्चों की प्रारंभिक पहचान और बौद्धिक स्तर का आकलन अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे उपयुक्त शिक्षण रणनीति तैयार की जा सके। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षण गतिविधियों, सहायक उपकरणों और व्यवहारिक तरीकों पर चर्चा की गई। प्रशिक्षक जयप्रकाश सिंह ने कहा कि समावेशी शिक्षा हर बच्चे को समान अधिकार, अवसर और सम्मान देती है। राहुल कुमार ने दिव्यांग बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने को सशक्त समाज की दिशा में जरूरी बताया। समूह कार्य के माध्यम से समावेशी शिक्षा, दिव्यांग की परिभाषा, यूडीआईडी कार्ड, प्रशस्त ऐप और समेकित शिक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। इस अवसर पर कई शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।










