क्रियात्मक, रचनात्मक और मूल्यपरक शिक्षा की मिसाल बना द एमिटी स्कूल
बक्सर। अमरेंद्र राजेश ने अपने संबोधन में कहा कि द एमिटी स्कूल भारत का पहला ऐसा विद्यालय है, जहां सभी विषयों की एक साथ भव्य प्रदर्शनी आयोजित की जाती है। इस विद्यालय में केवल किताबी शिक्षा ही नहीं, बल्कि क्रियात्मक, रचनात्मक एवं मूल्यपरक शिक्षा पर विशेष बल दिया जाता है। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने कुल 1550 प्रोजेक्ट तैयार कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। प्रदर्शनी में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी, मैथ्स, इंग्लिश लिटरेचर, हिंदी साहित्य, भारतीय दर्शन, इतिहास, नागरिक शास्त्र, भूगोल, अर्थशास्त्र एवं आर्ट विषयों के प्रोजेक्ट्स शामिल थे। विज्ञान वर्ग में पुली सिस्टम, सोलर सिस्टम, स्मार्ट सिटी, विंडमिल, हाइड्रॉलिक लिफ्ट, ओम का नियम, मैग्नेटिक इफेक्ट ऑफ करंट जैसे प्रोजेक्ट्स को छात्रों ने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। भारतीय दर्शन प्रदर्शनी में वेद, उपनिषद, गीता, बौद्ध दर्शन, अद्वैत एवं विशिष्टाद्वैत दर्शन जैसे विषयों पर आकर्षक प्रोजेक्ट लगाए गए। आर्ट प्रदर्शनी में मंडला आर्ट, जूट आर्ट, राइस आर्ट, लीफ आर्ट, क्ले आर्ट सहित अनेक रचनात्मक कलाकृतियां प्रस्तुत की गईं। वहीं एलकेजी व यूकेजी के नन्हे बच्चों ने फलों, पक्षियों, रंगों एवं महीनों पर आधारित प्रोजेक्ट्स लगाए। प्रत्येक विषय में छात्रों की सहभागिता और प्रस्तुति अत्यंत सराहनीय रही और विद्यालय ने शिक्षा के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया।










