BREAKING NEWS
मनोविज्ञान विभाग डी.के. कॉलेज के नवीकृत विभाग तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत में 1909 मामलों का कियपूर्व युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष डाॅ. प्रिय रंहिंदी दिवस के अवसर पर समाहरणालय परिसर में हुआ रामलीला महोत्सव में कृष्ण जन्म और नारद मोह लीनारी का सम्मान समाज का उत्थान – मीना सिंहरामलीला मंच का उद्घाटन कर बोले अश्विनी चौबे वभाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अमरेंद्र पांडबक्सर में 15 थानों के प्रभारी बदले, एसपी शुभम आरकेंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने दिलाई पूर्व बक्सर में वोटर अधिकार यात्रा का शुभारंभ, घर-घरयुवा शक्ति से नया इतिहास लिखेगा बक्सर – गिरिगोयल धर्मशाला में व्यवसायी संघ की बैठक, अमित पश्री रामलीला समिति बक्सर के मंच पर ताड़का वध औरबनारपुर में किसान महापंचायत, कंपनी व प्रशासन दुर्गापूजा को शांतिपूर्ण सम्पन्न कराने हेतु राजपुर विधानसभा में पूर्व मंत्री संतोष कुमारबक्सर में जन सुराज पार्टी की “बिहार बदलाव यातइटाढी प्रखंड में जिला बाल कल्याण समिति के निरबिहार रेडक्रॉस सोसाइटी में नई कार्यकारिणी काभारत प्लस एथेनॉल प्रा. लि. परिसर में धूमधाम से ट्रेनों से शराब बरामद, मोबाइल चोर पकड़ाचक्की में थाना प्रभारी को भावपूर्ण विदाईएबीवीपी समर्थित प्रत्याशियों की जीत पर भव्य बक्सर में आयोजित हुआ प्रखण्ड स्तरीय कृषि सां
विज्ञापन के संदर्भ में :
बड़ी खबर

यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन के समर्थन में बक्सर में छात्रों का मार्च

बक्सर। गुरूवार को यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन, 2026 के सशक्त और अनिवार्य क्रियान्वयन के समर्थन में गुरुवार को बक्सर में छात्रों एवं युवाओं ने मार्च निकाला। मार्च किला मैदान से शुरू होकर पीपारपती रोड होते हुए अंबेडकर चैक पहुँचा, जहाँ नुक्कड़ सभा आयोजित की गई। सभा को संबोधित करते हुए डुमराँव के पूर्व विधायक एवं इंकलाबी नौजवान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार सिंह ने कहा कि यूजीसी के नए इक्विटी नियमों का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति, धर्म, लिंग, जन्म-स्थान और दिव्यांगता के आधार पर होने वाले भेदभाव को समाप्त करना है। उन्होंने कहा कि 2019 से 2024 के बीच विश्वविद्यालयों में जाति-आधारित उत्पीड़न की शिकायतों में वृद्धि हुई है, जो पुराने दिशा-निर्देशों की विफलता को दर्शाती है। वक्ताओं ने कहा कि बिहार जाति गणना ने सामाजिक असमानता की वास्तविक स्थिति को उजागर किया है। ऐसे में ओबीसी छात्रों को इक्विटी संरक्षण के दायरे में शामिल किया जाना एक महत्वपूर्ण और आवश्यक कदम है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ वर्गों का विरोध समानता के खिलाफ नहीं, बल्कि विशेषाधिकार खोने के डर से प्रेरित है। सभा में यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन, 2026 को सभी उच्च शिक्षा संस्थानों में सख्ती और पारदर्शिता के साथ लागू करने की मांग की गई।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!