BREAKING NEWS
मनोविज्ञान विभाग डी.के. कॉलेज के नवीकृत विभाग तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत में 1909 मामलों का कियपूर्व युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष डाॅ. प्रिय रंहिंदी दिवस के अवसर पर समाहरणालय परिसर में हुआ रामलीला महोत्सव में कृष्ण जन्म और नारद मोह लीनारी का सम्मान समाज का उत्थान – मीना सिंहरामलीला मंच का उद्घाटन कर बोले अश्विनी चौबे वभाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अमरेंद्र पांडबक्सर में 15 थानों के प्रभारी बदले, एसपी शुभम आरकेंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने दिलाई पूर्व बक्सर में वोटर अधिकार यात्रा का शुभारंभ, घर-घरयुवा शक्ति से नया इतिहास लिखेगा बक्सर – गिरिगोयल धर्मशाला में व्यवसायी संघ की बैठक, अमित पश्री रामलीला समिति बक्सर के मंच पर ताड़का वध औरबनारपुर में किसान महापंचायत, कंपनी व प्रशासन दुर्गापूजा को शांतिपूर्ण सम्पन्न कराने हेतु राजपुर विधानसभा में पूर्व मंत्री संतोष कुमारबक्सर में जन सुराज पार्टी की “बिहार बदलाव यातइटाढी प्रखंड में जिला बाल कल्याण समिति के निरबिहार रेडक्रॉस सोसाइटी में नई कार्यकारिणी काभारत प्लस एथेनॉल प्रा. लि. परिसर में धूमधाम से ट्रेनों से शराब बरामद, मोबाइल चोर पकड़ाचक्की में थाना प्रभारी को भावपूर्ण विदाईएबीवीपी समर्थित प्रत्याशियों की जीत पर भव्य बक्सर में आयोजित हुआ प्रखण्ड स्तरीय कृषि सां
विज्ञापन के संदर्भ में :
धार्मिक

नगर के बुढ़वा शिव मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा आरंभ, आचार्य रणधीर ओझा ने बताया सत्संग का महत्व

बक्सर। नगर के चरित्रवन स्थित बुढ़वा शिव मंदिर परिसर में सोमवार से श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन श्री त्रिदंडी देव मंदिर के महंत श्री राजगोपालाचार्य जी महाराज एवं श्रीनिवास मंदिर के महंत श्री दामोदर आचार्य जी महाराज ने व्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर किया। कथा के प्रथम दिवस पर आचार्य श्री रणधीर ओझा ने श्रीमद्भागवत पुराण के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका लक्ष्य जीव को ईश्वर से जोड़ना और जीवन में दिव्यता का संचार करना है। उन्होंने बताया कि भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि “भगवान का साक्षात स्वरूप” है। आचार्य श्री ने सत्संग के अर्थ और महत्व को समझाते हुए कहा कि सत्संग का अर्थ है सत्य, परमात्मा और सद्गुणों के संग रहना। इससे मन की शुद्धि, संस्कारों में सुधार और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। उन्होंने कहा कि जब हम सत्संग से मिले ज्ञान को अपने आचरण में अपनाते हैं, तभी उसका वास्तविक लाभ मिलता है। कथा प्रतिदिन 29 अक्टूबर से 4 नवंबर 2025 तक, अपराह्न 2ः30 से संध्या 6ः30 बजे तक आयोजित की जाएगी। आयोजक पवन जी ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए मंदिर परिसर में सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ की गई हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!