नगर के बुढ़वा शिव मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा आरंभ, आचार्य रणधीर ओझा ने बताया सत्संग का महत्व
बक्सर। नगर के चरित्रवन स्थित बुढ़वा शिव मंदिर परिसर में सोमवार से श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन श्री त्रिदंडी देव मंदिर के महंत श्री राजगोपालाचार्य जी महाराज एवं श्रीनिवास मंदिर के महंत श्री दामोदर आचार्य जी महाराज ने व्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर किया। कथा के प्रथम दिवस पर आचार्य श्री रणधीर ओझा ने श्रीमद्भागवत पुराण के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका लक्ष्य जीव को ईश्वर से जोड़ना और जीवन में दिव्यता का संचार करना है। उन्होंने बताया कि भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि “भगवान का साक्षात स्वरूप” है। आचार्य श्री ने सत्संग के अर्थ और महत्व को समझाते हुए कहा कि सत्संग का अर्थ है सत्य, परमात्मा और सद्गुणों के संग रहना। इससे मन की शुद्धि, संस्कारों में सुधार और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। उन्होंने कहा कि जब हम सत्संग से मिले ज्ञान को अपने आचरण में अपनाते हैं, तभी उसका वास्तविक लाभ मिलता है। कथा प्रतिदिन 29 अक्टूबर से 4 नवंबर 2025 तक, अपराह्न 2ः30 से संध्या 6ः30 बजे तक आयोजित की जाएगी। आयोजक पवन जी ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए मंदिर परिसर में सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ की गई हैं।










