नगर परिषद की बैठक में भ्रष्टाचार को लेकर मुस्तैद दिखे विधायक आनंद मिश्र, कहा कि अनियमितताओं की होगी जांच
बक्सर। नगर परिषद की बुधवार को हुई बोर्ड बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, संसाधन खरीद और लंबित विकास कार्यों को लेकर तीखी चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य पार्षद कमरून निशा ने की, जबकि सदर विधायक आनंद मिश्र और सांसद प्रतिनिधि ददन सिंह भी मौजूद रहे। पार्षदों ने शहर में लगाए गए बोरिंग सह वाटर कूलरों के खराब होने और लागत व गुणवत्ता को लेकर बढ़ते संदेह पर विस्तृत जांच की मांग रखी। उनका कहना था कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद अधिकांश कूलर बेकार पड़े हैं, जिससे गड़बड़ी की आशंका मजबूत होती है। कार्यपालक पदाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि इन कूलरों का भुगतान रोक दिया गया है और जांच के बाद ही कार्रवाई होगी। सफाई कार्य संभाल रही एनजीओ की कार्यशैली पर भी नाराजगी जताई गई। पार्षदों ने आरोप लगाया कि सफाई टेंडर की लागत बढ़ा दी गई, पर सेवा में कोई सुधार नहीं हुआ। उपकरण व संसाधन खरीद में पारदर्शिता की कमी, खराब ई-रिक्शा, तिरंगा लाइट और गौरीशंकर मंदिर-तालाब चारदीवारी निर्माण में वर्षों से चल रही देरी को भी गंभीर लापरवाही बताया गया। अलग से हुई चर्चा में पार्षदों ने यह भी कहा कि कई कार्य बिना टेंडर के छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर कराए जा रहे हैं, जिससे जवाबदेही संदिग्ध हो रही है। सदर विधायक ने विभाग में प्राक्कलन हेतु दो प्रतिशत की प्रथा पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यह व्यवस्था तुरंत समाप्त होनी चाहिए और दोषियों पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने शहर के सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।










