मेडिसिन फॉर द नेशन 2.0 में गांव-गांव जाकर मध्यस्थता के प्रति जागरूक किया गया
बक्सर। मेडिसिन फॉर द नेशन 2.0” कार्यक्रम की शुरुआत 2 जनवरी 2026 को की गई, जिसका उद्देश्य वैकल्पिक विवाद निपटारा प्रणाली के माध्यम से लोगों को त्वरित और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम की सफलता पर अवर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर की सचिव नेहा दयाल ने कहा कि मध्यस्थता (मेडिएशन) विवाद समाधान का एक प्रभावी, गोपनीय एवं स्वैच्छिक माध्यम है, जिससे समय और लागत दोनों की बचत होती है। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया न केवल न्यायालयों पर मुकदमों का बोझ कम करती है, बल्कि पक्षकारों के आपसी संबंधों को भी बनाए रखने में सहायक है। दिनभर चले इस कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के विभिन्न प्रखंडों में विधिक जागरूकता अभियान चलाया गया। पैनल अधिवक्ता शत्रुघ्न सिन्हा एवं चंद्रकला वर्मा ने जारिगामा गांव में, मंजू कुमारी ने गौरा गांव में, कविंद्र पाठक ने जोकहीं दियर पंचायत में तथा अविनाश कुमार श्रीवास्तव ने पोखराहा व बनवा पंचायत में लोगों को मध्यस्थता की जानकारी दी। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सुलह योग्य मामलों की पहचान कर उन्हें न्यायालय के समक्ष लाना है।










