सिमरी में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने किया रामकथा का शुभारंभ, भक्ति और श्रद्धा में डूबा क्षेत्र
- रामकथा मंच पर प्रदीप राय का जोशीला स्वागत, समर्थकों में बढ़ा उत्साह
बक्सर/सिमरी। शारदीय नवरात्र के पहले दिन सिमरी प्रखंड मुख्यालय में राज्यपाल का आगमन से चुनाव घोषणा से पूर्व क्षेत्र में राजनीतिक पारा को चढ़ा दिया तो वही ऐसे भक्तिमय कार्यक्रम में महामहिम के आगमन होने से आसपास सभी इलाका भक्ति और श्रद्धा के सागर में डूब गया। आपको बता दें कि मां काली मंदिर परिसर से सटे पंडाल में रविवार से नौ दिवसीय भव्य रामकथा का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर बिहार के महामहिम राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने सिमरी पहुंचकर कथा का उद्घाटन किया। राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि रामकथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करने का माध्यम है। इस आयोजन में विशेष आकर्षण रहे भाजपा के कद्दावर नेता एवं भाजपा के संभावित प्रत्याशी प्रदीप राय के द्वारा मंच से महामहिम राज्यपाल का जोड़दार तरीके से स्वागत करना कहीं ना कहीं क्षेत्र में उनके समर्थकों के बीच एक नया खुशी दे गया है। मंच पर विराजमान प्रदीप राय ने जहां आयोजन समिति का उत्साह बढ़ाया, वहीं श्रद्धालुओं से संवाद करते हुए समाजसेवा और धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने की अपील की । श्री राय ने युवाओं से आह्वान किया कि वे रामकथा से प्रेरणा लेकर समाज में एकता, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करें। वही मां काली सेवा समिति के सदस्यों ने बताया कि 22 सितंबर से शुरू हुई रामकथा प्रतिदिन दोपहर तीन बजे से शाम सात बजे तक चलेगी। प्रसिद्ध कथावाचक राजन जी महाराज अपनी मधुर वाणी में श्रीराम के चरित्र, मर्यादा और आदर्शों का वर्णन करेंगे। भक्तगण जहां रामकथा के संदेश से भाव-विभोर होंगे, वहीं भजन-कीर्तन की रसधारा में भी सराबोर होंगे। कथा समापन के अगले दिन, यानि दो अक्टूबर को सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन होगा। यह विवाह पूर्णतः दहेज रहित होगा, जो समाज में सकारात्मक संदेश देने के साथ-साथ गरीब परिवारों के लिए राहत साबित होगा। समिति के सदस्यों का कहना है कि कथा केवल धार्मिक उत्सव तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक कुरीतियों को तोड़ने का माध्यम भी बनेगी। रामकथा के पहले ही दिन दूर-दराज़ गांवों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे। महिलाओं और बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। पूरा क्षेत्र भक्ति गीतों और मंत्रोच्चारण से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने राज्यपाल का स्वागत जोरदार तालियों और जयकारों के साथ किया।










