मां काली मंदिर स्थापना महोत्सव पर संगीतमय श्रीराम कथा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
बक्सर। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी औद्योगिक क्षेत्र स्थित मां काली मंदिर की 23वीं स्थापना वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित संगीतमय श्रीराम कथा के छठे दिवस सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास सुश्री किशोरी प्रज्ञा पाण्डेय (श्रीधाम अयोध्या) ने कहा कि जब राम अयोध्या में थे तब वे श्रीराम थे, किंतु वनगमन के बाद मर्यादा पुरुषोत्तम राम बने। उन्होंने राम-भरत के चरित्र के माध्यम से धर्म को धन से श्रेष्ठ बताते हुए कहा कि यदि धर्म आगे और धन पीछे हो तो धन की मर्यादा रहती है, लेकिन धन आगे और धर्म पीछे हो जाए तो धर्म भी अधर्म बन सकता है। उन्होंने जीवन में धर्म, मर्यादा और त्याग को अपनाने पर बल दिया। कथा में भजन गायक रविंद्र तिवारी, लोक गायिका भावना पाण्डेय, तबला वादक दिनेश कुमार उर्फ भुवाली, नाल वादक उमाशंकर, बैंजो वादक छठू लाल लहरी तथा पैड वादक भोला जी रोहतास का सहयोग रहा। कार्यक्रम प्रतिदिन दोपहर 1 से शाम 5 बजे तक चल रहा है। कथा का समापन 13 जनवरी मंगलवार को तथा पूर्णाहुति एवं भंडारा 14 जनवरी बुधवार को होगा। आयोजन आचार्य सत्येंद्र तिवारी उर्फ सोनू बाबा के सानिध्य में हो रहा है। छठे दिवस पर जजमान की भूमिका भावना पाण्डेय, मनी सम्राट, मां शिवरात्रि हॉस्पिटल के डॉ. ए.के. सिंह, गौरव चैबे, नंद जी ओझा, निभा फुआ, सतीश चंद्र तिवारी, ब्यूरों चीफ जितेंद्र मिश्र, हरि ओम बाबू, सत्यदेव व निर्मल ने निभाई। आयोजन को सफल बनाने में गुंजन पाण्डेय, अजीत गुप्ता, विनोद सिंह, आशीष सिंह उर्फ जट्टा सिंह, विनीत सिंह (बांध रोड), धनजी सिंह, अनिल तिवारी, मुन्ना सिंह, चूमन राय, सुनील कुमार सिंह, तबला वादक ललन मिश्रा, भानू बाबा, चंदन पाण्डेय, संतोष चैबे, सुशील राय सहित अन्य का सराहनीय योगदान रहा।










