पटना–बक्सर एनएच पर 15 किमी लंबा जाम, तीन किलोमीटर तय करने में लगे तीन घंटे
बक्सर। जिला मुख्यालय और आस-पास की सड़कों पर यातायात व्यवस्था एक बार फिर से बेपटरी हो गई। इसका उदाहरण रविवार की रात देखने को मिला। पटना-बक्सर एनएच पर करीब 15 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। बाईपास रोड पर तीन किलोमीटर की दूरी तय करने में वाहन चालकों को तीन घंटे लग गए। शहर से लेकर हाईवे तक जाम के कारण लोगों में त्राहिमाम मच गया।
जाम में फंसे ट्रक, बस और कार के चालक कई मिनट तक एक ही जगह पर रुके रहे। कई वाहन चालक अपनी गाड़ियां बीच रोड पर रोककर आगे बढ़ने का इंतजार करते दिखे। इस दौरान एंबुलेंस और बरातियों की गाड़ियां भी जाम में फंसी रहीं। सोमवार दोपहर 11 से 12 बजे के बीच स्थिति काफी खराब रही। ज्योति प्रकाश चौक से गोलंबर तक कहीं भी यातायात पुलिस या प्रशासन का कोई प्रतिनिधि दिखाई नहीं दिये। जाम का प्रमुख कारण पुरानी व्यवस्था बंद होने और ट्रकों की लंबी कतार लगनी रही। जहा 10 मिनट की दूरी तय करने में दो-तीन घंटे लगना, बाईपास रोड पर केवल तीन किलोमीटर की दूरी तय करने में एक से डेढ़ घंटे लगना। दरअसल सामान्य समय में 10-15 मिनट में पूरी होने वाली दूरी का इस तरह लंबा होना आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बना। रात को जब यातायात कम रहता है, तब यह दूरी केवल सात मिनट में पूरी हो जाती है। परंतु पटना-बक्सर एनएच 922 पर जाम से लोग परेशान रहे। गंगा पुल से दलसागर टोल प्लाजा होते हुए पुराना भोजपुर तक ट्रकों की कतार रविवार की रात 15 किलोमीटर से अधिक लंबी रही। सोमवार की दोपहर तक स्थिति वैसी ही बनी रही, हालांकि बाद में एनएच पर यातायात कुछ हद तक सामान्य हुआ। दक्षिणी लेन में ट्रकों की तीन-तीन कतारें तो हर दिन देखी जा रही है। बावजूद इसके भी पुलिस प्रशासन मुख्य दर्शक बनी हुई है। यही नहीं औद्योगिक क्षेत्र मोड की तरफ जाने आने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है लोग इंतजार करते हैं की कब ट्रक की कतार काम हो कि हम लोग अपने घर की तरफ निकल पाए जिससे दुर्घटना होने की भी संभावना बनी रहती है। यही नहीं जाम की स्थिति में परीक्षा देने वाले परीक्षार्थी भी परेशान रहते हैं वह समय से अपने केंद्र पर नहीं पहुंचते जिससे उनकी परीक्षा भी छूट रही।
क्या कहते हैं राहगीर:-
स्थानीय राहगीरों और वाहन चालकों ने प्रशासन की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई। ज्योति प्रकाश चौक से गोलंबर तक कोई पुलिस या प्रशासन का प्रतिनिधि जाम को संभालने के लिए मौजूद नहीं था। वाहन चालक अपनी गाड़ियां रोककर आगे बढ़ने का इंतजार करते दिखे। एंबुलेंस और बरातियों की गाड़ियां भी जाम में फंसी रहीं। लोगों ने कहा कि जब-जब मुख्य लग्न होते हैं तब तब ऐसी स्थिति बनती है। और जिसको संभाल पाना पुलिस प्रशासन के लिए संभव नहीं हो पा रहा है।
क्या है मुख्य परेशानी:-
जाम लगने की मुख्य परेशानी यह है कि गंगा पुल से दलसागर टोल प्लाजा होते हुए पुराना भोजपुर तक ट्रकों की लंबी कतार लग जाती है जिसके चलते बाईपास रोड पर तीन किलोमीटर की दूरी तय करने में वाहन चालकों को एक से डेढ़ घंटे लग जाते हैं, जबकि सामान्य रूपो में यह दूरी 10-15 मिनट में पूरी हो जाती है। वैसे भी रात में नो एंट्री समाप्त हो जाती है और चारों तरफ से ट्रैकों की आवाजाही शुरू हो जाती है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि जाम का प्रमुख कारण उत्तर प्रदेश प्रशासन की धीमी कार्यप्रणाली है।
कैसे मिलेगा छुटकारा:-
लोगों की माने तो जब तक बक्सर गोलंबर और भरवली गोलंबर पर ओवर ब्रिज सड़क का निर्माण नहीं होगा तब तक ऐसे ही व्यवस्था बनी रहेगी। एनएचआई को चाहिए कि जल्द ही ऐसे सड़क का निर्माण करे ताकि दोनों तरफ जाने आने वाली गाड़ियां समान रूप से चले। क्या कहते हैं ट्रैफिक डीएसपी:-
बक्सर ट्रैफिक डीएसपी संतोष कुमार ने बताया कि जाम अस्थायी था। स्थानीय पुलिस ने जितना संभव था वाहनों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। उत्तर प्रदेश से आने वाले ट्रकों की धीमी गति और सीमा पर रोक के कारण जाम लंबा हो गया। डीएसपी ने जनता से अपील की कि आवश्यक होने पर ही यात्रा करें और धैर्य बनाए रखें।










